Bihar Board Class 9th chapter 2 अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम | Ameriki swatantrata sangram class 9th History Notes & Solution
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Bihar Board Class 9th Science Physics Chapter 3 Notes बल तथा गति के नियम | Bal tatha gati ke niyam Bharati Bhawan

आज के इस पोस्ट में हमलोग कक्षा 9वीं भौतिक विज्ञान का पाठ ‘बल तथा गति के नियम’ का नोट्स को देखने वाले है। Bal tatha gati ke niyam

Bihar Board Class 9th Science Physics Chapter 3 Notes बल तथा गति के नियम | Bal tatha gati ke niyam Bharati Bhawan

बल तथा गति के नियम

प्रश्न 1. बल किसे कहते है?
उत्तर– बल वह भौतिक कारक है जो किसी भी रुकी या थम्मी हुई वस्तु में परिवर्तन ला देता है।

(i) बल का SI मात्रक newton (kgm/s²) होता है। इसे N से सूचित किया जाता है।
(ii) बल एक सदिश राशि है।
(iii) बल का cgs मात्रक dyne(डाएन) होता है।
(iv) बल (f) = द्रव्यमान (m) × त्वरण (a)

प्रश्न 2. जब हम किसी वस्तु पर बल लगाते हैं तो क्या होता है?
(i) वस्तु गतिशील हो जाता है।
(ii) वस्तु का गति शुन्य (रूक) हो जाता है।
(iii) वस्तु या बल का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जैसे– दीवार पर लगा बल
(iv) वस्तु की आकृति बदल जाती है। जैसे– बैलून, गीला आटा
(v) वस्तु की दिशा बदल सकते है। जैसे– गेंद, कॉक
(vi) बल का प्रयोग कर गतिशील वस्तु की गति को बढ़ाया, घटाया या शून्य (रोका) किया जा सकता है।

बल के प्रकार

(i) संतुलित बल = जब किसी वस्तु पर बल लगाने से उसकी स्थिती में कोई परिवर्तन नहीं होता है, तो उसे संतुलित बल कहते है।

(ii) असंतुलित बल = जब किसी वस्तु पर बल लगाने से उसकी स्थिती में परिवर्तन होता है, तो उसे असंतुलित बल कहते है।

(iii) सम्पर्क या स्पर्श बल = ऐसे बल जो किसी वस्तु के सम्पर्क में आने पर कार्य करता है, उसे सम्पर्क बल कहते है।

(iv) असम्पर्क या अस्पर्श बल = ऐसे बल जो किसी वस्तु के सम्पर्क में आए बिना ही कार्य करता है, उसे असम्पर्क बल कहते है।

(v) गुरुत्व बल = जिस बल के कारण पृथ्वी का केंद्र किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है, उसे गुरुत्व बल कहते है।

(vi) गुरुत्वाकर्षण बल = दो आकाशीय पिंडो के बीच लगने वाला आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते है। सभी आकाशीय इसी बल के द्वारा एक दूसरे को खींचते है।

(vii) घर्षण बल = घर्षण एक प्रकार का विरोधी बल है, जो दो सतहों के बीच में कार्य करता है।

(viii) पेशीय बल = जब हम किसी वस्तु पर अपने शरीर के मांसपेशियों के द्वारा बल लगाते है, तो उसे पेशीय बल कहते है।

(ix) परिणामी बल या नेट बल = जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी वस्तु पर बल लगाते है, तो दोनों व्यक्तियों के बल का योग को नेट बल कहते है।

NOTE:- नेट बल का मान धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।

गैलीलीयो के प्रयोग

👉 गैलीलीयो गैलीली का जन्म 15 फरवरी 1564 को इटली के पिशा में हुआ। तथा 8 जनवरी 1642 ईस्वी में इनकी मृत्यु हुई।

अरस्तू ने कहा “किसी वस्तु को विराम में बने रहने की स्वाभाविक प्रवृति होती है, जब तक उसपर कोई बाहरी बल काम न करें।

प्रश्न 3. जड़त्व किसे कहते है?
उत्तर– किसी वस्तु का वह गुण, जिसके कारण वह अपनी विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है, उसे जड़त्व कहते है।

👉 जड़त्व दो प्रकार का होता है।

(i) विराम का जड़त्व – इस जड़त्व के द्वारा वस्तु विराम में रहना चाहता है।
(ii) गति का जड़त्व – इस जड़त्व के द्वारा वस्तु गति में रहना चाहता है।

👉 गैलीलीयो गैलीली ने जड़त्व का नियम और दूरबीन का खोज किया।

न्यूटन का प्रथम नियम = इस नियम के अनुसार, प्रत्येक वस्तु अपनी गति या विराम की अवस्था को बनाए रखती है, जब तक उसपर कोई बाहरी बल कार्य न करें

👉 न्यूटन के प्रथम नियम को गैलीलियो का जड़त्व नियम भी कहते है।

दैनिक जीवन में जड़त्व के उदाहरण

(i) रूकी या चलती हुई गाड़ी में सवार व्यक्ति आगे या पीछे क्यों झुकता है?
उत्तर– रूकी या चलती हुई गाड़ी में सवार व्यक्ति विराम अवस्था में होता है, लेकिन एकाएक गाड़ी के चलने के कारण उसका पैर गति में हो जाता है, जिस कारण वह पीछे की ओर झुकता है तथा एकाएक ब्रेक लगने पर आगे की ओर झुकता है।

(ii) पेड़ को हिलाने पर पत्ता या फल टूटकर नीचे क्यों गिर जाता है?
उत्तर– पेड़ को जोर से हिलाने पर शाखा गति में आ जाती है, लेकिन फल और पत्तियां विराम अवस्था में होती है, जिस कारण पक्के फल और सुखी पत्तियां नीचे गिर जाती है।

(iii) कंबल को छड़ी से पीटते पर धूलकण अलग क्यों हो जाता है?
उत्तर– जब कंबल विराम अवस्था में होता है, तो धूलकण भी स्थिर होता है, लेकिन जब कंबल को छड़ी से पीटते है, तो कंबल गतिशील हो जाता है, लेकिन धूलकण विराम में ही रहते है। इसलिए कंबल से धूलकण गुरुत्व बल के कारण नीचे गिर जाता है।

Read Also:- Bal tatha gati ke niyam Notes Class 9th Science Physics 

(iv) लम्बी कुद का खिलाड़ी छलांग लगाने से पहले तेजी से क्यों दौड़ता है?
उत्तर– लम्बी कुद का खिलाड़ी छलांग लगाने से पहले तेजी से दौड़ता है क्योंकि जब वह तेजी से दौड़कर हवा में छलांग लगाता है तो गति जड़त्व के कारण हवा में उसका शरीर अधिक दूरी तय करता है, जिससे वह लम्बी छलांग लगा पाता है।

(v) कांच की खिड़की पर बंदूक की गोली एक छेद कर निकल जाती है, जबकि पत्थर के टुकड़े से टूट जाती है क्यों?
उत्तर– बंदुक की गोली का रफ्तार तेज होता है, और जब वह काँच की खिड़की से टकराती है तो उसे इतना ही समय मिल पाता है कि अपने सम्पर्क वाले भाग को ही गति अवस्था मे ला पाए जिससे वह छिद्र कर निकल जाती है।

जबकि पत्थर का रफ्तार गोली की तुलना में बहुत कम होता जिस कारण जब वह खिड़की से टकराती है तो उसे इतना समय मिलता है कि पुरी खिड़की को गति अवस्था में ला सके इसलिए खिड़की चकना चुर हो जाती है।

प्रश्न 4. संवेग (momentum) किसे कहते है?
उत्तर– किसी वस्तु के द्रव्यमान (m) तथा वेग (v) के गुणनफल को संवेग कहते है। इसे p से सूचित करते है। संवेग का S.I मात्रक kgm/s होता है।

 p = m × v 

न्यूटन के द्वितीय गति का नियम = किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस वस्तु पर लगे बल के समानुपाती होता है। अर्थात् किसी कोई वस्तु का संवेग, बल के बराबर होता है।

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दैनिक जीवन में द्वितीय गति का उपयोग

(i) कराटे का खिलाड़ी टाइलो के समुह को एक ही बार में तोड़ देता है, क्यों ?
उत्तर– कराटे का खिलाड़ी जब टाइलो के समूह पर तेजी से वार करता है तो उसके हाथो का सारा संवेग बहुत ही कम समय में शून्य हो जाता है, जिससे टाइलो के समूह पर इतना बल लग पाता है कि वह टुट जाते है।

(ii) कैच लेते समय क्रिकेट का खिलाड़ी हाथो को पिछे की ओर खिंचता है, क्यों ?
उत्तर– कैच लेते समय जब बॉल हाथों को स्पर्श करता है तो खिलाड़ी हाथो को पिछे की ओर खिंचता है, जिससे संवेग मे परिवर्तन का समय अंतराल अधिक हो जाता है, फलतः गेंद द्वारा हाथो पर बल का अनुभव कम होता है और गेंद आसानी पूर्वक कैच हो पाता है।

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न्यूटन के तृतीय गति का नियम = प्रत्येक क्रिया के बराबर, विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अर्थात् जब हम किसी वस्तु पर बल लगाते है, तो वह वस्तु भी हम पर उतना ही बल लगता है।

दैनिक जीवन में तृतीय गति के उदाहरण

(i) व्यक्ति का टहलना
(ii) हेलीकॉप्टर का उड़ना
(iii) नाव को चलाना
(iv) नाव से कूदना
(v) बन्दुक से गोली निकलने पर बंदूक का झटका देना।
(vi) रॉकेट का गति
(vii) घोड़े का गाड़ी खींचना
(viii) मेज पर खड़ी किताब

प्रश्न 5. संवेग संरक्षण का सिद्धांत किसे कहते है?
उत्तर– इस सिद्धांत के द्वारा जब तक किसी वस्तु पर बाहरी बल आरोपित नहीं किया जाए, तब तक उस वस्तु के संवेग कोई परिवर्तन नहीं होगा। अर्थात् संवेग संरक्षित रहेगा।

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दोस्तों उम्मीद करता हूं कि ऊपर दिए गए कक्षा 9वीं के भौतिक विज्ञान के पाठ 03 बल तथा गति के नियम (Bal tatha gati ke niyam) का नोट्स और उसका प्रश्न को पढ़कर आपको कैसा लगा, कॉमेंट करके जरूर बताएं। धन्यवाद !

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